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Yaad Rahunga

याद रहूँगा मैं क्या तुमको
बादल जब मेरी स्याही बरसायेंगे

कितनी बारिशें, कितने मौसम
मेरे ख़त बन जाएंगे

दो पल हों जो पास तुम्हारे
मुट्ठी में तुम मेरी कहानी पकड़ लेना

कभी जो तुम हो थोड़ी अकेली
इसे इत्मीनान से पढ़ लेना

दूर सही मैं और न तुमको ज़रुरत
पर इन साँसों को भी हिचकी का सहारा दे देना

याद रहूँगा मैं क्या तुमको
बादल जब मेरी स्याही बरसायेंगे

कितनी बारिशें, कितने मौसम
मेरे ख़त बन जाएंगे
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Zinda Hu Abhi

चल थोड़ी आज बेपरवाही कर लें
कुछ देर के लिए ज़रा आंखें बंद कर लें

चल देखें एक सुबह को शाम बनते हुए
कुछ आते-जाते लोग और कुछ पंछी उड़ते हुए

कुछ वक़्त मिले तो सुनूं साँसों को अपनी
हो जाए इनके आने जाने की भी तस्सली

कुछ देर ग़ुमान करूँ फिर ज़िंदा होने का
गिरवी हूँ तो क्या अभी मोहलत है थोड़ी  

कुछ देर ना डर, न ख्वाईश, न चाह  ना मक़सद और ना ज़रुरत हो तेरी
कुछ पल, कुछ गंटे तो बस यहाँ शख्सियत हो मेरी

मेरी कहानी बिखर गयी

खोले डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी बिखर गयी

कुछ सपने गिरे कवर के छेद से
जैसे रिहा हुए हों क़ैद से

मिली लाश कुछ वादों की वहाँ
ना जाने कब किए थे खुदसे और कहाँ

कुछ पन्नो बाद वो बे-अदब ‘मैं’ भी निकला
ना डर था जिससे और ना कोई परवाह

बे-अदब ‘मैं’ मुझसे पूछता है
ये यहाँ एक अजीब सा शोर क्यूँ है
तेरी सोच में आगे निकालने की होड़ क्यूँ है
ये क्या तेरी आम सी ज़िंदगी है
ये कौन है तू
ये क्या बन गया है तू

समझ ए बे-अदब
नासमझ है इसीलिए तो हराम है तू
दुनिए के कितने कायदों से अंजान है तू
कुछ सलीखा सीख ले जीने का अब तो
नुस्खे ले कामयाबी के अब तो

किन कायदों की बात करता है तू
किन वादों की बात करता है तू
देख खुद को आईनो मे कभी
क्या था और क्या है अब तू

सुन ओ क़ायदे पढ़ने वाले
सुन ओ सलीखे सिखाने वाले
तू कोई मसखरा तो नहीँ
क्योंकि तू ‘मैं’ तो नहीं हो सकता

कहाँ गयी है मेरी वो बेपरवाही
कहाँ है मेरा वो…

'ठा से' चुप करवाया फिर उसे
कवर, पन्नो और ड्रॉयर में दबाया फिर उसे

बंद किए डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी दफ़्न हुई

Thoda Hindu Main

मंदिर भी मैं, मस्जिद भी मैं
थोड़ा हिंदू मैं और तोड़ा मुस्लिम भी मैं

हूँ शिया मैं, सुन्नी भी हूँ
हूँ ब्राहमीन मैं, शुद्रा भी हूँ.

कुंभ का नगा भी मैं और हज का हाजी भी मैं
क़व्वाल मैं अली का, और फिर नंद का लाल भी तो हूँ.

मथुरा के लाल मे मलांग हूँ मैं
खोज लेना जब खवजा के शहेर में हो.

क्या डालेगा मुझे एक डब्बे में तू,
क्या पहचानेगा मुझे एक ठप्पे में तू
नहीं मिलेगी मेरी पहचान एक ज़ात मे यू
मैं तो दिन हूँ और फिर रात भी तो हूँ.

Jordan by Ishan Mathur

Greetings Everyone,
It’s been a while since I had last written anything about anything. Gladly, I was busy with my upcoming novel, which has been a great project.
Now my idea has been to present something extraordinary. Firstly, it’s not a love story. Pheeew. I know a lot of there are out there.
Jordan is something else. Surprisingly, I really don’t have any words on it. So I’ll just share the cover picture here and keep you all posted on its availability in India and all other countries.
Keep the love coming till then. Need it.

Also I'll be writing on Snapwryt from now on.
Take Care Ishan Mathur



Mom You’ll Always Be Around

‘Moving’-A small six letter word but evokes a dozen different emotions, and all at once. It brings the excitement of going to a new place, the fun of meeting new people, it also has the curiosity of learning new things and somewhere it has the pain of leaving things behind. Things that you have known for long enough and some people who just don’t seem to get out of the head. It’s difficult to say for all but for a majority, we never grow big enough, mature enough not to miss mom. In fact in a new country, she’s the one who can help beat the blues and get along with the people. From the universal mom’s diary, following 5 lessons may be handy in settling at a new place.
Listen from your heart
Expectations of the boyfriend, attitude of co-workers, weather, money, the lady residing down the road, the black dog, crops this year and god knows what, we all have something to say about everything. Most of us want to be listened or more importantly to be understood. It doesn’t matter where you a…

Scribble 5

Why there are voices in my head Contrasting to what I get Grow up, grow they say You have to find your way If you haven’t started yet How far will you get What if you reach nowhere? What if you are too late to be there?
The voices are just too smart I don’t think they even have a heart They say these are the ways of world You have to run run and run They command not to look back They insist it’s just too dark They say there is a lot to fear I say I don’t care
I tell them that I can see mum back there They ask how will she get here Mirages are not for real Shut the fuck up and get over the ordeal
I sigh that I have no one They question the need for someone They insist it’s not a usual journey It’s over friends, family, luxuries and money
I whisper am I mad I ask if I am mad I shout if I am mad I scream if I am mad But the voices just don’t come back